जनवरी 2, 2026 8:36 पूर्वाह्न

printer

महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक और पारंपरिक जैविक खेती पर दिया जोर

महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से उपजाऊ भूमि बंजर हो गई है। इससे मिट्टी की सेहत को बहाल करने और किसानों की स्थायी आय सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक और पारंपरिक जैविक खेती ही एकमात्र विकल्प रह गई है।

 

महाराष्ट्र के राज्यपाल ने मोहाड़ी में एक किसान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रसायनों के बढ़ते उपयोग ने मिट्टी के सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर दिया है। वहीं, जल धारण क्षमता घटने से भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो गए हैं। उन्होंने कृषि विभाग और संस्थानों से प्राकृतिक खेती और पशुपालन को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने का आग्रह किया। गुजरात के दांग जिले का उदाहरण देते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र में जल्द ही पारंपरिक जैविक खेती को व्यापक रूप से अपनाया जाएगा।