मार्च 17, 2026 9:55 पूर्वाह्न

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महाराष्ट्र विधानसभा ने ध्वनिमत से धर्म की स्वतंत्रता विधेयक 2026 पारित किया

महाराष्ट्र विधानसभा ने ध्वनिमत से धर्म की स्वतंत्रता विधेयक 2026 पारित कर दिया है। इसमें जबरदस्ती, धोखाधड़ी, प्रलोभन या विवाह के जरिए कराए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।

विधेयक के अनुसार, विवाह के बहाने गैरकानूनी धर्मांतरण में शामिल लोगों को सात साल की कैद और 1 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। नाबालिग, मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति, महिला या अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के संबंध में उल्लंघन करने पर सात साल की कैद और 5 लाख रुपये का जुर्माना होगा। सामूहिक धर्मांतरण के लिए सात साल की कैद और 5 लाख रुपये का जुर्माना होगा। विधेयक के अनुसार, बार-बार अपराध करने वालों को 10 साल की कैद और 5 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।

गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने कहा कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए धोखाधड़ी, जबरन या प्रलोभन के जरिए कराए जाने वाले धर्मांतरण को रोकना है। सदन में चल रही बहस का जवाब देते हुए श्री भोयर ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक धर्मांतरण स्वेच्छा से और पारदर्शी तरीके से हो।