मार्च 26, 2026 8:42 पूर्वाह्न

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लंदन हाई कोर्ट की किंग्स बेंच डिवीजन ने भगोड़े नीरव मोदी की प्रत्यर्पण याचिका खारिज की

भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी को बड़ा कानूनी झटका लगा है। लंदन स्थित उच्च न्यायालय की किंग्स बेंच डिवीजन ने उनके प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ कार्यवाही दोबारा शुरू करने की याचिका खारिज कर दी है। मामले को फिर से खोलने की अर्जी ‘भंडारी फैसले’ के आधार पर दायर की गई थी। यह फैसला ब्रिटेन उच्च न्यायालय ने रक्षा सौदों के बिचौलिये संजय भंडारी के मामले में दिया था, जिसमें उन्होंने भारत प्रत्यर्पण की स्थिति में यातना का खतरा होने की दलील दी थी और अदालत ने मानवीय आधार पर उनके प्रत्यर्पण से इनकार कर दिया था।
 
इसी का हवाला देते हुए, नीरव मोदी ने भी दावा किया कि यदि उन्हें भारत वापस भेजा जाता है तो उन्हें भी यातना का खतरा हो सकता है। हालांकि, सीबीआई के अधिकारियों ने कार्यवाही के दौरान इस दावे का खंडन करते हुए तर्क प्रस्तुत किए। अपना फैसला सुनाते हुए, ब्रिटेन के उच्च न्यायालय ने कहा कि नीरव मोदी की याचिका ऐसे असाधारण परिस्थितियों के मानदंड को पूरा नहीं करती, जिनके आधार पर मामले को दोबारा खोला जा सके। नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में वांछित है। वह वर्ष 2018 में देश छोड़कर भाग गया था और वर्ष 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद ब्रिटिश अदालतों ने कई अपीलों को खारिज करते हुए उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी।