मार्च 25, 2026 2:41 अपराह्न

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लोकसभा ने ध्वनि मत से वित्त विधेयक 2026 पारित किया

लोकसभा ने ध्वनि मत से वित्त विधेयक 2026 पारित कर दिया है। यह विधेयक वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को लागू करने का प्रावधान करता है। सदन ने सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दे दी।

आज सदन में वित्त विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि सरकार सूक्ष्‍म, लघु और मध्यम उद्यमों – एमएसएमई, किसानों तथा सहकारी समितियों को सशक्त बना रही है। उन्‍होंने कहा कि ये रोजगार सृजन, उत्पादन और देश के समग्र विकास के केंद्र में हैं। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सरकार डिजिटल अवसंरचना, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, महत्वपूर्ण खनिज और परमाणु ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भी समर्थन दे रही है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि ये सुधार मजबूरी में नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास, स्पष्टता, प्रतिबद्धता और आत्मविश्वास के साथ हो रहे हैं। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रिफॉर्म एक्‍सप्रेस पर सवार है। उन्‍होंने बताया कि यह वित्त विधेयक मध्यम वर्ग पर केंद्रित है और सरकार ने 17 महत्वपूर्ण जीवन रक्षक दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट दी है।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि वित्त विधेयक 2026-27 पांच स्पष्ट सिद्धांतों पर आधारित है। इनमें विश्वास-आधारित कर प्रशासन, आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार, सूक्ष्‍म, लघु और मध्यम उद्यमों, किसानों तथा सहकारी समितियों को सशक्त बनाना, भारत को वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में मजबूत करना और निर्बाध व्यापार सुविधा एवं सीमा शुल्क सुधार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक का उद्देश्य तरलता में सुधार करना और अनुपालन का बोझ कम करना है। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि विधेयक का मुख्य उद्देश्य जीवन स्तर को सुगम बनाना और करदाताओं की कठिनाइयों को कम करना है।

पश्चिम एशिया संकट और उभरती चुनौतियों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इन चुनौतियों से निपटने और उनके प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठा रही है। श्रीमती सीतारामन ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष सरकार के साथ खड़े होने के बजाय गैर-जिम्मेदाराना कदम उठा रहा है और जनता को गुमराह कर रहा है।