केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना जन औषधि केंद्रों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना में योगदान दे रही है। नई दिल्ली में आज 8वें जन औषधि दिवस के अवसर पर श्री नड्डा ने इस कार्यक्रम को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाईयों की सुनिेश्चितता, लोगों में जागरूकता बढ़ाकर, सभी जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की लगातार उपलब्धता के लिए आपूर्ति श्रृंखला में सुधार और संचालकों के लिए टिकाऊ लाभांश की गारंटी देकर इस परियोजना को मजबूत बनाया जा सकता है। इससे देशभर के उद्यमियों के लिए यह पहल सफल बनी रहे। श्री नड्डा ने बताया कि 8 हज़ार से ज़्यादा जन औषधि केंद्र महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं। यह दर्शाता है कि इस योजना ने महिलाओं को सफल उद्य़मी बनने के लिए कैसे मज़बूत बनाया है।केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने देश भर में महिला उद्यमियों को मज़बूत बनाने में इस परियोजना की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि जन औषधि परियोजना ने न केवल सस्ती दवाओं तक लोगों की पहुंच बनाई है, बल्कि महिलाओं के लिए आजीविका के महत्वपूर्ण अवसर भी पैदा किए हैं।
News On AIR | मार्च 7, 2026 9:56 अपराह्न
जन औषधि परियोजना स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर विकसित भारत में दे रही योगदान: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा