जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के कारण हुई तबाही का मूल्यांकन करने के लिए आज किश्तवाड़ के चशोती गांव का दौरा किया। इस अवसर पर राहत और बचाव अभियान में तैनात सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मुख्यमंत्री को हालात की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये और अन्य घायलों को पचास-पचास हजार रुपये दिए जाने की घोषणा की। ध्वस्त घरों के लिए मालिकों को पचीस हजार से एक लाख रुपये तक की राशि दी जायेगी। पूरी तरह बर्बाद घरों के लिए एक लाख रुपये, बुरी तरह घरों के लिए पचास हजार रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए पचीस हजार रुपये दिये जाएंगे। प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचों के तत्काल बहाली के भी आदेश दिए गए हैं।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर सड़क परिवहन निगम-जे.के.आर.टी.सी ने जम्मू तक मचैल माता तीर्थ यात्रियों के लिए नि:शुल्क बस सेवा शुरू की है। इसका उद्देश्य हाल की अचानक आई बाढ़ द्वारा प्रभावित तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। जे.के.आर.टी.सी के अधिकारियों के साथ किश्तवाड़ के सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तस्लीम वानी बाधामुक्त यातायात प्रदान करने के लिए अभियान की निगरानी कर रहे हैं।