इटली ने अमरीका को, पश्चिम एशिया संघर्ष से संबंधित एक उड़ान के लिए, सिसिली स्थित एक महत्वपूर्ण हवाई अड्डे के इस्तेमाल की अनुमति देने से इंकार कर दिया, क्योंकि इसके लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी। खबरों के अनुसार रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने उस समय हस्तक्षेप किया जब इटली के अधिकारियों को अमरीकी उड़ान योजना के बारे में पता चला, जिसमें क्षेत्र की ओर आगे बढ़ने से पहले सिगोनेला हवाई अड्डे पर रुकना शामिल था। उनका कहना था कि अमरीकी अनुरोध अपेक्षित अनुमोदन प्रक्रियाओं से नहीं गुजरा था और यह मिशन इटली और अमरीका के बीच मौजूदा समझौतों के तहत नियमित अभियानों के दायरे में नहीं आता था। वर्तमान व्यवस्था के तहत, अमरीकी सेना को मानक रसद और सहयोगी गतिविधियों के लिए इटली के ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति है। परंतु, इस दायरे से बाहर माने जाने वाले अभियानों के लिए इटली सरकार से स्पष्ट अनुमति और कुछ मामलों में संसदीय निगरानी की आवश्यकता होती है। प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमरीका के साथ सहयोग के लिए अपना समर्थन दोहराया है, लेकिन साथ ही इस बात पर भी बल दिया है कि उनके देश की संप्रभुता और कानूनी प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। इस महीने की शुरू में, इटली के प्रधानमंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा था कि उनका देश युद्ध में नहीं है और न ही युद्ध में शामिल होने का इरादा रखता है। सिसिली में स्थित सिगोनेला सैन्य अड्डा भूमध्य सागर में अमेरिकी और नाटो अभियानों का एक रणनीतिक केंद्र माना जाता है।
इससे पहले, स्पेन ने ईरान पर हमलों में शामिल अमरीकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने कहा है कि वे ईरान युद्ध से संबंधित किसी भी गतिविधि के लिए मोरोन और रोटा सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति नहीं देंगे।
इस बीच, कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प, ईरान में अमरीकी सैन्य अभियान को समाप्त करने पर विचार कर रहे हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहे। इस निर्णय से महत्वपूर्ण जलमार्ग पर तेहरान का नियंत्रण बढ़ने औ र इस मार्ग को फिर से खोलने के राजनयिक प्रयासों पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति का मानना है कि अमरीका एक लंबे समुद्री अभियान में उलझे बिना अपने मुख्य सैन्य लक्ष्य प्राप्त करके जीत की घोषणा कर सकता है।