मार्च 28, 2026 8:39 पूर्वाह्न

printer

इज़राइल ने ईरान के इस्पात, बिजली और परमाणु संयंत्रों पर हमले तेज किए, ईरान ने दी चेतावनी

इज़राइल द्वारा कल रात ईरान के प्रमुख इस्पात, बिजली और परमाणु संयंत्रों पर हमले तेज करने से पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है जिससे मौजूदा संघर्ष और भी तेज हो गया है। ईरान ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ये राजनयिक प्रयासों को कमजोर करते हैं और वार्ता के लिए दी गई समय सीमा का उल्लंघन करते हैं।
 
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि ईरान के दो सबसे बड़े इस्पात संयंत्रों और संवेदनशील परमाणु संयंत्रों सहित प्रमुख बुनियादी ढांचे पर हमलों के लिए इज़राइल को भारी कीमत चुकानी होगी। श्री अराघची ने कहा कि इज़राइल ने इस्पात कारखानों, एक बिजली संयंत्र और नागरिक परमाणु स्थलों जैसी प्रमुख औद्योगिक संपत्तियों को निशाना बनाया है और आरोप लगाया कि ये हमले अमरीका के समन्वय से किए गए हैं। ये हमले अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रम्प द्वारा ईरान के ऊर्जा स्थलों पर अमरीका के हमलों पर विराम को 10 दिन बढ़ाने के एक दिन से भी कम समय बाद हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने समय सीमा इसलिए बढ़ाई क्योंकि अमरीका और ईरान के बीच वार्ता अच्छी चल रही थी और ईरान ने कई तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी थी।
 
इज़राइली सेना ने कहा कि उसकी वायुसेना ने ईरान के दो परमाणु संयंत्रों पर हमला किया है। उसने मध्य ईरान के अराक के पास स्थित खोंडाब हेवी वाटर कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया। उसका आरोप है कि इस संयंत्र का पुनर्निर्माण संभावित रूप से हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम उत्पादन के लिए किया जा रहा था। किसी के हताहत होने या विकिरण के खतरे की कोई खबर नहीं है। एक अन्‍य हमले में, यज़्द प्रांत के अर्दकान में एक उत्पादन संयंत्र को भी निशाना बनाया गया। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने हमले की पुष्टि की है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने किसी भी परमाणु दुर्घटना के जोखिम से बचने के लिए सैन्य संयम बरतने का अनुरोध किया है।
 
इस बीच ईरानी अधिकारियों ने औद्योगिक स्थलों पर हताहतों की सूचना दी है। इज़राइल ने संकेत दिया है कि उसका सैन्य अभियान और तेज़ होगा।
 
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने इज़राइली औद्योगिक स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों से तत्काल निकासी का आग्रह किया, जो आसन्न जवाबी कार्रवाई का संकेत है। दूसरी ओर कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कल ईरान के मिसाइल हमले में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर कम से कम 10 अमरीकी सैनिक घायल हो गए और अमरीका के ईंधन भरने वाले कई विमान क्षतिग्रस्त हो गए। दो सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। विमानों को हुए नुकसान को दर्शाने वाली सैटेलाइट तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट की गईं।
सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला