ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर कल शाम एक मिसाइल से हमला हुआ। एक सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरा हमला है। अधिकारियों ने बताया है कि परमाणु रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं हुआ और संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी- आईएईए ने इस हमले की पुष्टि की है। इससे पहले 17 मार्च को भी इसी तरह का एक मिसाइल हमला हुआ था। इसमें किसी तरह का कोई नुकसान या किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी। पिछली घटना में रिएक्टर से लगभग तीन सौ 50 मीटर दूर स्थित एक संरचना कथित तौर पर नष्ट हो गई थी। इससे चालू बिजली इकाई के निकट होने को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने संघर्ष के दौरान परमाणु सुरक्षा जोखिमों को रोकने के लिए अधिकतम संयम बरतने की अपील दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर या उसके आसपास कोई भी हमला परमाणु सुरक्षा के सात अनिवार्य स्तंभों का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि मामूली चूक भी गंभीर रेडियोधर्मी परिणामों का कारण बन सकती है।
फारस की खाड़ी के तट पर स्थित और रूस की सहायता से निर्मित ईरान का एकमात्र चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र, बुशहर, राष्ट्रीय ग्रिड को बिजली की आपूर्ति करता है। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है। रूस ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें बेहद खतरनाक बताया है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इससे परमाणु सुविधाओं से जुड़े आकस्मिक टकराव की आशंका बढ़ गई है। आईएईए स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और सभी पक्षों से परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्यों से बचने का आग्रह किया है।