ईरान में वर्ष 2022 के बाद से ही अशांति है। प्रदर्शन के 13 दिन हो चुके हैं। रियाल की गिरती कीमत और बढ़ती महंगाई के विरोध में शुरू हुए ये प्रदर्शन अब अधिकारियों के लिए राजनीतिक चुनौती बन गए हैं। तेहरान, इस्फ़हान और पश्चिमी तथा उत्तरपूर्वी ईरान के कुछ हिस्सों में सुरक्षा बलों और लोगों के बीच झड़पें हुई हैं। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, इन झड़पों में 39 लोग मारे गए हैं और दो हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। हाल के घटनाक्रम में निर्वासित युवराज रजा पहलवी के आह्वान पर लोगों ने विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लिया।
ईरान में सरकार ने सभी 31 प्रांतों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए पूरे देश में इंटरनेट बंद कर दिया है। निगरानी समूह नेटब्लॉक्स ने बताया कि कल शाम से आज सुबह तक पूरे देश में कनेक्टिविटी बाधित रही और मोबाइल फोन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। मानवाधिकार समूहों की रिपोर्ट के अनुसार, 28 दिसंबर को शुरू हुए दंगों के बाद से बच्चों सहित 45 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। 22 सौ से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
निर्वासित युवराज रजा पहलवी के आह्वान के बाद तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद इंटरनेट बंद कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, आगजनी की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में गोलियां और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। खबरों के अनुसार, घायल प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए अस्पतालों पर छापे मारे गए, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई। अधिकारियों ने हवाई क्षेत्र पर भी प्रतिबंध लगा दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार तब्रीज़ सहित कई हवाई अड्डों पर उड़ानें निलंबित हैं।