अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली आज राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महोत्सव का शुभारंभ किया। एक सप्ताह तक चलने वाला यह महोत्सव दुनिया भर से 130 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन करेगा, जो भारत के वैश्विक सिनेमा कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण योगदान के रूप में देखा जा रहा है।
इस फिल्म महोत्सव में निःशुल्क सार्वजनिक प्रदर्शन, चर्चाएं, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, मंजिदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा उपस्थित रहे।
इस महीने की 31 तारीख तक चलने वाले इस महोत्सव में 47 देशों की 130 से अधिक फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। 101 देशों से दो हजार से अधिक प्रविष्टियों में से चयनित यह फिल्म महोत्सव इसकी वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है। महोत्सव की शुरुआत प्रसिद्ध फिल्ममेकर ओलिवर लैक्स की ऑस्कर नामांकित रोड फिल्म सीरत से होगी, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत संकेत देती है। यह महोत्सव सिंगापुर के निर्देशक तान सियू की प्रभावशाली पहली फिल्म अमीबा के साथ समाप्त होगा।
आकाशवाणी समाचार से बात करते हुए, फिल्म निर्माता भार्गव सैकिया ने दिल्ली सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी फिल्म बौक्शी इस महोत्सव में प्रदर्शित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें इडिपेंडेंट फिल्म बड़े पैमाने पर देखी जाएगी।
इस महोत्सव में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित रहेंगी, जिनमें विकी कौशल, हेमा मालिनी, भूमि पेडनेकर समेत कई दिग्गज शामिल होंगे। यह फिल्म महोत्सव आने वाले वर्षों में सिनेमाई संवाद, रचनात्मकता और सहयोग के लिए एक गतिशील मंच के रूप में उभरने का लक्ष्य रखता है। सौम्या के साथ प्रादेशिक समाचार के लिए अमन यादव।