केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज लोकसभा में बताया कि केप ऑफ गुड होप से होकर जहाजों द्वारा लंबा रास्ता तय करने के कारण भारत से निर्यात प्रभावित हुआ है। लोकसभा में एक लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि इससे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक सामान पहुंचने में अधिक समय लगा है।
उन्होंने कहा कि लाल सागर और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण लंबी यात्रा के लिए कंटेनरों की कोई कमी नहीं हुई है। देश में निर्मित कंटेनरों की मांग सीमित है।
श्री गोयल ने कहा कि कंटेनर बनाने वाले उद्योगों पर बड़े पैमाने पर अर्थव्यवस्था का वर्चस्व है। ये अर्थव्यवस्थाएं अन्य देशों के स्थापित विनिर्माताओं का समर्थन करती हैं। ये देश कम उत्पादन लागत, उन्नत प्रौद्योगिकी और कार्गों पर शीघ्र लदान करने के अवसर से लाभ अर्जित करते हैं।