जनवरी 23, 2026 8:26 पूर्वाह्न

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भारत का ऊर्जा परिवर्तन औद्योगीकरण, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दे रहा है बढ़ावा : केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि भारत में ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन से औद्योगीकरण, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिल रहा है, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक उदाहरण है। स्‍विटजरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच में ऊर्जा पर एक उच्‍चस्‍तरीय सत्र को संबोधित करते हुए श्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने स्वच्छ ऊर्जा को जन-केंद्रित विकास आंदोलन में परिवर्तित करने के साथ ही ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत और बिजली की लागत को कम किया है।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत ने 267 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल कर ली है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा कुल स्थापित बिजली क्षमता का लगभग 52 प्रतिशत है। श्री जोशी ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजनाएं उपभोक्ताओं के लिए लाभदायक हैं और इससे ग्रामीण आय में वृद्धि हो रही है।

श्री जोशी ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा की घटती लागत उद्योग और घरेलू बिजली शुल्‍क कम करने में मदद कर रही है। उन्होंने सौर मॉड्यूल, सेल, भंडारण और पवन ऊर्जा सहित घरेलू स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण के देश में तेजी से विस्तार का भी उल्‍लेख किया जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हो रहा है।

श्री जोशी ने विश्व ऊर्जा सम्मेलन से इतर स्वच्छ ऊर्जा निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को आगे बढ़ाने के उद्देश्‍य से कई देशों के मंत्रियों तथा वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें की।