मार्च 25, 2026 12:55 अपराह्न

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पश्चिम एशिया तनावों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का आर्थिक विकास 7.1% पर रहने का अनुमान है: स्‍टैंडर्ड एण्‍ड पुअर्स ग्‍लोबल

स्‍टैंडर्ड एण्‍ड पुअर्स ग्‍लोबल की एक रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया तनावों के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का आर्थिक विकास 7.1% पर रहने का अनुमान है। एजेंसी की ताजा आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत घरेलू मांग, सतत निर्यात और निजी निवेश में आ रहे धीरे-धीरे सुधार से भारत सबसे तेजी से बढने वाली प्रमुख अर्थव्‍यस्‍थाओं में बना रहेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र की वृद्धि स्थिर बनी हुई है। भारत अन्‍य बडी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के साथ एक मुख्‍य संचालक के रूप में उभर रहा है। चीन को छोडकर क्षेत्र में 2026 में विकास के साढे चार प्रतिशत बढने की आशा की जा रही है। इसे प्रौद्योगिकी से जुडे क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन और लचीली घरेलू गतिविधि का समर्थन प्राप्‍त होगा।

वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता के बावजूद प्रबंधनीय सीमा के भीतर मुद्रास्फीति के लगभग चार दशमलव तीन प्रतिशत तक कम होने का अनुमान है।