सरकार ने आज कहा कि भारत-अमरीका व्यापार समझौते से वस्त्रों, परिधानों और तैयार उत्पादों के लिए एक सौ 18 अरब डॉलर का वैश्विक आयात बाजार खुल गया है। इससे वस्त्र निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वस्त्र मंत्रालय ने व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के बीच वस्त्र व्यापार संबंधों को मजबूत करने में एक प्रमुख प्रोत्साहन बताया। मंत्रालय ने कहा कि अमरीका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है, जहां लगभग साढ़े दस अरब डॉलर का निर्यात होता है। इसमें लगभग 70 प्रतिशत परिधान और 15 प्रतिशत तैयार उत्पाद शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि सभी वस्त्र उत्पादों पर 18 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क से भारत अपने अधिकांश प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर स्थिति में होगा। यह समझौता उद्योग को लागत प्रतिस्पर्धी बनने और अमरीका से वस्त्र क्षेत्र के लिए मध्यवर्ती सामग्री प्राप्त करके जोखिमों को कम करने में मदद करेगा। इससे देश में मूल्यवर्धित वस्त्रों के निर्माण में सुविधा होगी और देश के उत्पादन और निर्यात में विविधता आएगी। वस्त्र मंत्रालय ने कहा कि देश के वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर के निर्यात के लक्ष्य को प्राप्त करने में इस समझौते की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
News On AIR | फ़रवरी 7, 2026 7:25 अपराह्न | India-US trade deal