अटलांटा सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संदीप नरूला ने कहा कि भारत-अमरीका अंतरिम व्यापार समझौता निष्पक्ष और न्यायसंगत फ्रेमवर्क है। उन्होंने कहा कि इसमें भारत के हितों को सर्वोपरि रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से उद्योग और देश के लिए बड़ी उम्मीदें हैं।
कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के प्रशासनिक समिति के सदस्य महावीर प्रताप शर्मा ने कहा कि यह एक ऐसा समझौता है जिसका निर्यातक लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे।
तिरुपुर निर्यातक संघ के अध्यक्ष के.एम. सुब्रमणियन ने इस ऐतिहासिक समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त की।
उद्योग जगत ने भारत-अमरीका व्यापार समझौते का स्वागत किया है। कार्पेट निर्यात संवर्धन परिषद के उपाध्यक्ष असलम महबूब ने कहा कि यह समझौता उद्योग के लिए बहुत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि शुल्क में 50 प्रतिशत से 18 प्रतिशत की कमी से उद्योग क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा।
चमड़ा निर्यात परिषद ने भारत-अमरीका व्यापार समझौते की सराहना करते हुए इसे चमड़ा उद्योग के लिए लाभकारी बताया है। आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष असद इराकी ने कहा कि माल पर शुल्क में कमी से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए श्री इराकी ने कहा कि इससे चमड़ा उद्योग को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे चमड़ा उद्योग के लिए नई उम्मीदें जागी हैं।
तिरुप्पुर के उद्योगों को भारत-अमरीका अंतरिम व्यापार समझौते से लाभ होगा। तिरुप्पुर परिधान निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष शक्तिवेल ने कहा है कि यह समझौता संपूर्ण परिधान क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
भारत-अमरीका अंतरिम व्यापार समझौते का निर्यातकों ने स्वागत किया है। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद और भारतीय रेशम निर्यात संवर्धन परिषद के सदस्य शेख आशिक अहमद ने कहा कि 18 प्रतिशत शुल्क के साथ भारत अब ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बाद सबसे कम टैरिफ के मामले में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई कि रेशम पर अब शून्य प्रतिशत टैरिफ लागू हो गया है।