भारत ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हाल के हमलों को बेहद चिंताजनक बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इन हमलों से, वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य के और अधिक अस्थिर हो जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें बंद किया जाना चाहिए।
श्री जायसवाल ने कहा कि एलपीजी की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है। सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रही है और ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों के इस्तेमाल पर काम कर रही है। श्री जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश, श्रीलंका और मॉलदीव सहित अन्य पड़ोसी देशों ने भारत से ऊर्जा सहायता की मांग की है।
श्री जायसवाल ने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया मुद्दे पर अपना रूख साफ किया है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमले की भारत निंदा करता है क्योंकि इसमें असैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया है। पाकिस्तान के संबंध में अमरीका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबाड के बयान पर श्री जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान का परमाणु प्रसार को लेकर पुराना इतिहास रहा है और अपनी परमाणु गतिविधियों के कारण पाकिस्तान पूरी दुनिया के लिए खतरा है।
श्री जायसवाल ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नाविकों के बारे में कहा कि भारत में नाविकों की संख्या काफी अधिक है और उनमें से लगभग 90% लोग दुनिया भर की नौवहन सेवाओं में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय होर्मुज क्षेत्र में भारत के 22 जहाज हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं। श्री जायसवाल ने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार कंपनियों के संपर्क में है और कई नाविक सुरक्षित वापस भी आ चुके हैं।
ईरान में रह रहे भारतीय विद्यार्थियों के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि इनमें कश्मीर की लड़कियां भी शामिल हैं जो मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। सरकार इन विद्यार्थियों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ईरान छोड़ने के इच्छुक हर भारतीय को पहले भारतीय दूतावास से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने अनुमान व्यक्त किया कि अगले कुछ दिनों में ईरान से सभी विद्यार्थी स्वदेश लौट जाएंगे।
श्री जायसवाल ने चाबहार पोर्ट के बारे में कहा कि अमरीका ने 26 अप्रैल तक के लिए चाबहार पोर्ट पर लगे प्रतिबंधों में सशर्त ढील दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में सभी पक्षों के संपर्क में है।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण-एनआईए द्वारा यूक्रेन के छह और अमरीका के एक नागरिक को हिरासत में लिए जाने के संबंध में श्री जायसवाल ने कहा कि यह कानूनी मामला है और इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिरासत में लिए गए नागरिकों को राजनयिक संपर्क सुविधा देने का अनुरोध प्राप्त हुआ है और इस संबंध में कानूनी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।