केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्यों को विद्युत क्षेत्र में बड़े सुधार लागू करने के लिए पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने राज्यों को कानूनी और प्रशासनिक उपायों सहित सुधारों का आश्वासन दिया। भारत विद्युत शिखर सम्मेलन -बीईएस 2026 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री मनोहर लाल ने देश की 520 गीगावाट से अधिक स्थापित क्षमता, डिस्कॉम के बेहतर प्रदर्शन, बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर की तैनाती और बिजली की कटौती में कमी जैसी उपलब्धियों की जानकारी दी। आर्थिक विकास और अवसंरचना के लिए बिजली की मूलभूत आवश्यकता बताते हुए केंद्रीय विद्युत मंत्री ने कहा कि बीईएस 2026, विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने किफायती बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए, उन्होंने प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा प्रयासों में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया और शांति अधिनियम को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। बैठक में जीवाश्म ईंधन-मुक्त ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और बिजली उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। विद्युत और मानव संसाधन तथा नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के सचिवों ने देश की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए सामूहिक और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर भी बल दिया।
News On AIR | मार्च 20, 2026 5:52 अपराह्न
भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा: विद्युत मंत्री मनोहर लाल