राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में आयोजित ‘नारी तू नारायणी – महिला विचारकों का राष्ट्रीय सम्मेलन’ के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने नारी शक्ति के हर पहलू को अनुकरणीय बनाने का आग्रह किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार महिलाओं को शैक्षिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने समाज से महिलाओं के प्रति रूढ़ियों और असमानता को दूर करने का भी आग्रह किया।
राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत में महिलाएं स्वरोजगार से लेकर सशस्त्र बलों तक विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और खेल जगत में भी नए वैश्विक मानक स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समर्पण, सेवा, राष्ट्रवाद, वीरता, धैर्य और प्रतिभा जैसे गुणों में महिलाएं पुरुषों के बराबर हैं।
राष्ट्रपति ने यह भी उल्लेख किया कि उच्च शिक्षण संस्थानों के कई दीक्षांत समारोहों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या अक्सर छात्रों की तुलना में अधिक होती है।
दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य भारत में महिलाओं की बदलती भूमिका का उत्सव मनाना और उस पर विचार करना था। इसमें नारी के सामाजिक भागीदार से ज्ञान, नेतृत्व, करुणा और शक्ति की प्रतीक बनने के सफर को उजागर किया गया है।