विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी निरंतर प्रगति कर रही है। नई दिल्ली में आज जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी के साथ 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता करने के बाद श्री जयशंकर ने कहा कि भारत और जापान में विश्व व्यवस्था को आकार देने तथा अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को जोखिममुक्त करने की अपार क्षमता है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने चर्चा के दौरान आर्थिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनाने, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, जन-संबंध और बहुपक्षीय सहयोग सहित कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। विदेश मंत्री ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र और क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रमों पर भी उपयोगी विचार-विमर्श हुआ।
वार्ता से पहले अपने आरंभिक संबोधन में डॉ. जयशंकर ने कहा कि पिछले दो दशकों में भारत और जापान ने अपने संबंधों को विशुद्ध आर्थिक संबंधों से एक व्यापक और रणनीतिक साझेदारी में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि भारत की महासागर पहल और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण तथा जापान के स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण में घनिष्ठ समानता है।
श्री मोटेगी ने डॉ. जयशंकर को जापानी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की वर्दी भेंट की। इसके बदले में, डॉ. जयशंकर ने अपने जापानी समकक्ष को भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा हस्ताक्षरित एक क्रिकेट बैट भेंट किया, जो खेल के प्रति दोनों देशों के साझा प्रेम को दर्शाता है।