भारत सेमीकंडक्टर से जुड़ी अपनी महत्वाकांक्षाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। देश सेमीकंडक्टर चिप को स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, संचार, रक्षा, अंतरिक्ष और उभरते डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण मानता है। बढ़ते डिजिटलीकरण और स्वचालन के कारण वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा दे रही है।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव-डी.एल.आई. योजना देश की मजबूत फैबलेस क्षमता यानी स्वदेशी डिजाइन और तकनीक क्षमता’ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के अंतर्गत दस पेटेंट दाखिल हुए हैं, 16 चिप-डिजाइन टेप-आउट पूरे किए गए हैं तथा छह सेमीकंडक्टर चिप्स का सफलतापूर्वक निर्माण किया गया है।