विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपने जहाजों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क में है। नई दिल्ली में आज मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि एलपीजी के चार जहाज अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंच चुके हैं।
श्री जायसवाल ने कहा कि ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भारत का व्यापक दृष्टिकोण 14 लाख लोगों की जरूरतों को पूरा करने की देश की अनिवार्यता, बाजार की गतिशीलता और वैश्विक परिस्थितियों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा स्रोतों से संबंधित निर्णय लेने में ये तीनों मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
बांग्लादेश के बारे में, प्रवक्ता ने कहा कि 1971 में ऑपरेशन सर्चलाइट के दौरान पाकिस्तान के भयानक अत्याचारों से सभी अवगत हैं। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग में भारत बांग्लादेश का समर्थन करता है। श्री जायसवाल ने कहा कि इस नरसंहार में लाखों निर्दोष बांग्लादेशियो की सुनियोजित हत्याएं और महिलाओं के खिलाफ सामूहिक यौन अपराध शामिल थे। उन्होंने कहा कि इन अत्याचारों के कारण लाखों लोग देश छोड़कर भारत में शरण लेने को मजबूर हुए। श्री जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान आज तक अपने अपराधों को मानने से इनकार करता रहा है।
प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की घटती संख्या दशकों से पाकिस्तानी शासन के उत्पीड़न और उपेक्षा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों की रक्षा के मामले में पाकिस्तान का दयनीय रिकॉर्ड भी जगजाहिर है।