जनवरी 27, 2026 12:43 अपराह्न

printer

भारत और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की मांग की

भारत और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतरश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार का आह्वान किया है। उन्‍होंने चेतावनी दी है कि बढ़ते वैश्विक चुनौतियों के कारण सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर दबाव पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि सार्थक सुधारों में स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाना शामिल होना चाहिए ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रभावी कार्यान्‍वयन को सुनिश्चित किया जा सके।

वे सुरक्षा परिषद की अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन की पुष्टि पर उच्च स्तरीय खुली बहस में बोल रहे थे। श्री हरीश ने कहा कि वैश्विक संघर्षों के समाधान में अप्रभावीता एक बड़ी खामी बनी हुई है, जो संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से चुनौती दे रही है।

श्री गुतरश ने चेतावनी दी कि विश्‍व के कई भागों में कानून का शासन जंगल के कानून में तब्दील हो रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में बिना किसी देरी के सुधार करना बहुत आवश्‍यक हो गया है। श्री गुतरश ने कहा कि सुरक्षा परिषद ही एकमात्र संयुक्त राष्ट्र निकाय है, जिसके निर्णय सभी सदस्य देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं।

उन्होंने कहा कि किसी अन्य निकाय या तदर्थ गठबंधन को शांति और सुरक्षा के मामलों में अनुपालन अनिवार्य करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ दशकों में सत्ता संतुलन, जनसांख्यिकी और वैश्विक चुनौतियों की प्रकृति में काफी परिवर्तन हुए हैं, लेकिन सुरक्षा परिषद अब भी बीते युग में अटकी हुई है। उन्होंने स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार सहित व्यापक सुधार का आह्वान किया।