विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत सेशेल्स के साथ अपने संबंधों को क्षमता निर्माण, नीली अर्थव्यवस्था की पहल, स्वास्थ्य सेवा और समुद्री सुरक्षा को शामिल करते हुए एक महत्वपूर्ण विकासात्मक साझेदारी के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि भारत ने विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से सेशेल्स के विकास में योगदान दिया है। नई दिल्ली में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विदेश सचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सेशेल्स के लिए घोषित 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा यह पैकेज सेशेल्स के प्रमुख क्षेत्रों में विकासात्मक परियोजनाओं का विस्तार करेगा। उन्होंने कहा कि भारत सेशेल्स को 10 एम्बुलेंस देगा, जिससे देश में स्वास्थ्य सेवा मजबूत होगी।
श्री मिसरी ने कहा कि सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की यात्रा दोनों देशों के बीच सतत विकास, आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है। इससे भविष्य में सहयोग के लिए दिशा-निर्देश तय होते हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य समुद्री डकैती, समुद्री आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और हथियारों की तस्करी से संबंधित इस क्षेत्र की साझा चुनौतियों का समाधान करना है। दोनों देशों के बीच हुए सात समझौता ज्ञापनों पर श्री मिसरी ने कहा कि इन समझौता ज्ञापनों से वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग को और मजबूत करने जैसे लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि यह महासागर अवलोकन और जलवायु अनुकूलन पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने कहा कि एक अन्य समझौता ज्ञापन के माध्यम से सेशेल्स ने भारतीय औषध संहिता को मान्यता दी है, जिससे सेशेल्स के लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध होंगी।