भारत और जर्मनी ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को किया और मजबूत

गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बीच उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के बाद भारत और जर्मनी ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया है। द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस यात्रा के परिणामस्वरूप रक्षा, प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में 19 समझौता ज्ञापनों और आठ महत्वपूर्ण घोषणाओं का आदान-प्रदान हुआ। प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ ने आगामी यूरोपीय संघ-भारत शिखर सम्मेलन के एक प्रमुख परिणाम के रूप में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के समापन के लिए अपने समर्थन को दोहराया। जर्मन चांसलर ने संकेत दिया कि यूरोपीय संघ और भारत इस महीने के अंत तक एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
 
 
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई संयुक्त आशय घोषणाओं पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज सहयोग, दूरसंचार और रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जो सैन्य हार्डवेयर के सह-विकास और सह-उत्पादन पर केंद्रित है। दोनों देशों ने प्रतिभा गतिशीलता और कौशल सहयोग पर विशेष ध्यान दिया। यात्रा का प्रमुख आकर्षण जर्मनी से होकर गुजरने वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-मुक्त पारगमन सुविधा की घोषणा है।