अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी-आई.ए.ई.ए. के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की जटिलताओं को हासिल करने में भारत की सफलता की प्रशंसा की है। यह ऐतिहासिक कदम देश के स्वदेशी परमाणु कार्यक्रम में महत्वपूर्ण उपलब्धि और दीर्घकालिक ऊर्जा निरंतरता की दिशा में इसके प्रयास को दर्शाता है। श्री ग्रॉसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की महत्वपूर्ण स्थिति को प्राप्त करने में भारत की प्रभावशाली प्रगति के रूप में इस विकास का उल्लेख किया। यह ईंधन स्थिरता तथा परमाणु ऊर्जा के भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भारत के प्रति आई.ए.ई.ए. की वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यह संगठन भारत के परमाणु कार्यक्रम की रक्षा और सुरक्षित विकास को समर्थन देना जारी रखेगा। आई.ए.ई.ए. के प्रमुख ने सोशल मीडिया के अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी है।
कलपक्कम प्रतिष्ठान भारत की तीन चरणों वाली परमाणु बिजली रणनीति का एक आधार है। इसकी रूपरेखा देश के प्रचुर थोरियम भंडार के दोहन के लिए तथा व्यापक ईंधन दक्षता प्राप्त करने के लिए तैयार की गई है। वहीं आयातित यूरेनियम पर निर्भरता को कम करना भी इसका उद्देश्य है।