नई दिल्ली में कल लालकिले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति हब योजना के अंतर्गत एक सौ लाभार्थियों को उनके जीवनसाथी के साथ आमंत्रित किया गया है। ये लाभार्थी विभिन्न राज्यों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से संबंधित हैं। इनमें पूर्वोत्तर के छह राज्य और छह केन्द्रशासित प्रदेश शामिल हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम माझी और राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे स्वतन्त्रता दिवस समारोह में इन विशेष अतिथियों के सम्मान में भोज का भी प्रबंध कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2016 में इस योजना की शुरुआत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के बीच उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से की थी। इसका उद्देश्य सार्वजनिक खरीद नीति के अंतर्गत इन वर्गों के व्यक्तियों के स्वामित्व वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों से चार प्रतिशत की अनिवार्य खरीद को पूरा करना भी था। वर्तमान में, एक लाख 48 हजार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।