मई 23, 2025 7:43 अपराह्न

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गृहमंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में बीएसएफ के 26 कर्मियों को वीरता के लिए पुलिस-पदक से सम्मानित किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल-बी एस एफ के 26 कर्मियों को वीरता के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया। बी एस एफ अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान समारोह को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में, बी.एस.एफ. और सेना ने दुनिया के सामने बहादुरी का अद्वितीय उदाहरण पेश किया है।

 

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की धरती पर आतंकी हमलों के जवाब में इतिहास का सबसे सटीक और सफल ऑपरेशन है और इसने अपने सभी उद्देश्यों को पूरा किया है। गृह मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान और आतंकवाद के बीच संबंधों को उजागर किया है।

 

    श्री शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति, खुफिया एजेंसियों की सटीक जानकारी और सशस्त्र बलों की मारक क्षमता के अद्भुत समन्‍वय को जाता है। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तानी सेना ने भारत के नागरिक ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने की कोशिश की, तो भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया और पाकिस्तानी एयरबेस पर हमला करके अपनी मारक क्षमता प्रदर्शित की।

 

    श्री शाह ने कहा कि भारत कई दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में जब नरेन्‍द्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब उरी हमला हुआ था और पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक करके आतंकवादियों के ठिकानों में घुसकर उन्हें करारा जवाब दिया गया था।

    बी.एस.एफ. के गठन में अहम भूमिका निभाने वाले के.एफ. रुस्तमजी के योगदान को याद करते हुए श्री शाह ने कहा कि 1965 के युद्ध के बाद एक ऐसे बल की जरूरत महसूस की गई जो शांतिकाल में भी सीमाओं की सुरक्षा कर सके, जिसके चलते बीएसएफ की स्थापना हुई और रुस्तमजी इसके पहले महानिदेशक बने।

 

उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में बीएसएफ कर्मियों की बहादुरी और योगदान को देश कभी नहीं भूलेगा और न ही बांग्लादेश को इसे कभी भूलना चाहिए।