हंतावायरस के मामलों में कमी को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एहतियाती निगरानी उपाय सक्रिय कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर हंतावायरस संक्रमण के मामलों पर नजर रखा जा रहा है। यह राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम, विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों के समन्वय से किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के अन्तर्गत विश्व स्वास्थ्य संगठन –डब्ल्यू.एच.ओ द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, जहाज पर हंतावायरस संक्रमण के कुल आठ मामले सामने आए हैं। इनमें पांच मामलों की प्रयोगशाला में पुष्टि हो चुकी है और तीन मौतें भी हुई हैं। डब्ल्यूएचओ को इस घटना की सूचना इस महीने के पहले सप्ताह में दे दी गई थी।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह वायरस हंतावायरस का एंडीज स्ट्रेन है, जो मानव-से-मानव संचरण की सीमित क्षमता के लिए जाना जाता है। इसका प्रसार निकट और लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होता है। डब्ल्यूएचओ ने वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को कम बताया है। साथ ही यह भी संकेत दिया है कि संक्रमण की अपेक्षाकृत लंबी ऊष्मायन अवधि के कारण अतिरिक्त मामले सामने आ सकते हैं।
दो भारतीय नागरिक वर्तमान में पोत पर सवार हैं। दोनों व्यक्तियों में फिलहाल वायरस के कोई लक्षण नहीं हैं और स्थापित अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार निगरानी में हैं।
एनसीडीसी के अंतर्गत सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने स्थिति में हो रहे बदलावों को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में स्थिति का आकलन किया गया और तैयारियों की समीक्षा भी की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क है और डब्ल्यूएचओ तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए हुए है। भारतीय नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण की रक्षा के लिए आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय भी किए जा रहे हैं।