दिसम्बर 3, 2024 6:00 अपराह्न

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राज्‍यसभा ने ऑयल‍फील्‍ड विनियमन और विकास संशोधन विधेयक-2024 को स्वीकृति दी

राज्‍यसभा ने आज ऑयल‍फील्‍ड विनियमन और विकास संशोधन विधेयक-2024 को स्वीकृति दे दी। यह विधेयक खनिज तेलों की परिभाषा में विस्‍तार के बारे में है जिसमें प्राकृतिक रूप से उपलब्‍ध हाइड्रोकार्बन, कोलबैड, मीथेन और शेल गैस शामिल हैं। विधेयक में स्‍पष्‍ट किया गया है कि खनिज तेलों में कोयला, इग्‍नाइट या हीलियम शामिल नहीं होंगे। 

 

    बहस का उत्‍तर देते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह विधेयक नीति स्थिरता, बुनियादी ढांचा साझा करना, कार्बन कैप्‍चर, अपराधीकरण को हटाना और विवादों का आसान समाधान सुनिश्चित करेगा।

 

उन्‍होंने कहा कि इसमें सिर्फ शब्‍दावली बदली गई है और इससे राज्‍यों के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे। श्री पुरी ने कहा कि भारत प्रतिदिन पचास लाख बैरल तेल आयात करता है और देश के साढ़े छह प्रतिशत की दर से बढने पर आयात और बढेगा। उन्‍होंने कहा कि भारत में पिछले तीन वर्षों से तेल की कीमतों में गिरावट आई है। श्री पुरी ने कहा कि यह तेल और गैस क्षेत्र में कारोबार करना आसान बनाएगा।

 

    चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने विधेयक से मध्‍यस्‍थ का प्रावधान हटाने पर अप्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की। भाजपा सांसद चुन्‍नीलाल गरसिया ने विधेयक का समर्थन किया। तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन, वाईएसआरसीपी सांसद येर्राम वेंकट सुब्‍बा रेड्डी, बीजू जनता दल सांसद मानस रंजन मंगाराज, ऑल इण्डिया अन्‍ना डीएमके सांसद एम तम्‍बीदुरई, भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के पीपी सुनीर, भाजपा के संजय सेठ और एनसीपी शरद पवार गुट की फौजिया खान ने भी चर्चा में भाग लिया।