देश में वस्तु और सेवा कर – जीएसटी लागू होने के आज आठ वर्ष पूरे हो गए हैं। इस कर प्रणाली को देश में आर्थिक एकीकरण और कर सुधारों की दिशा में एक बड़े बदलाव के रूप में साल 2017 में पेश किया गया था। इसने भारत में अप्रत्यक्ष करों की श्रृंखला को एकीकृत प्रणाली में बदल दिया है। जीएसटी ने कर अनुपालन को आसान बनाया है, व्यवसायों के लिए लागत कम की है और राज्यों में वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की है। इन उपायों ने न केवल व्यापार करने में सुगमता दी है बल्कि कर आधार को भी सशक्त बनाया है।
जीएसटी परिषद द्वारा देश में वस्तु और सेवा कर की दरें निर्धारित की जाती हैं, जिसमें केंद्र और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
वर्तमान समय में देश की जीएसटी संरचना में चार मुख्य स्लैब – 5%, 12%, 18% और 28% हैं। जीएसटी ने अप्रत्यक्ष करों जैसे उत्पाद शुल्क, सेवा कर, वैट और अन्य जैसे शुल्कों को समाप्त कर एकल कर व्यवस्था प्रारम्भ की है।