वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि सरकार आर्थिक विकास को गति देकर और समावेशी विकास सुनिश्चित करके एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए काम कर रही है। राज्यसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मुद्रास्फीति को कम रखते हुए ऊंची विकास दर बरकरार रखी गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में देश की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर सात दशमलव चार प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति घटकर 2 प्रतिशत हो गई है, जो देश की अर्थव्यवस्था के मजबूत विकास आधार को दर्शाती है।
श्रीमती सीतारामन ने घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का बजट विनिर्माण क्षेत्र के लिए सरकार के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, रेयर अर्थ कॉरिडोर, कंटेनर विनिर्माण व्यवस्था, खेल सामग्री, वस्त्र और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के लिए विशेष प्रावधान तथा बजटीय आवंटन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मानव पूंजी के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग और ऋण उपलब्धता में काफी वृद्धि हुई है।
श्रीमती सीतारामन ने कई कल्याणकारी योजनाओं के खर्च में कटौती के विपक्ष के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन किया गया है। वित्त मंत्री ने मध्यवर्ग पर दबाव के विपक्ष के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के नेतृत्व में सरकार के आर्थिक सुधारों से मध्यवर्ग का विस्तार हुआ है।
वित्त मंत्री ने कहा कि 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल किया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण वस्तुओं पर वस्तु और सेवा कर-जीएसटी कम किया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को लाभ होगा। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि भारतीय बाजार में संरचनात्मक परिवर्तन हो रहा है और बेरोजगारी रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। उन्होंने बताया कि भारत में बेरोजगारी दर वर्ष 2017-18 में पांच दशमलव छह प्रतिशत से घटकर 2023-24 में तीन दशमलव दो प्रतिशत हो गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान में मुद्रास्फीति का कोई संकट नहीं है और यह नियंत्रित और स्थिर है। उन्होंने कहा कि सरकार 200 पुराने औद्योगिक समूहों का पुनरुद्धार करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में लघु और मध्यम उद्यम विकास कोष के लिए दस हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।