सरकार ने आज कहा कि वह पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न स्थिति में नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज नई दिल्ली में अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश भर में घरेलू एलपीजी आपूर्ति सामान्य बनी हुई है तथा कल लगभग 12 लाख और घरों में सिलेंडर की आपूर्ति की गई। उन्होंने बताया कि लगभग 94 प्रतिशत सिलेण्डरों की आपूर्ति डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड – डीएसी का उपयोग करके की जा रही हैं। सुश्री शर्मा ने बताया कि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति लगभग 70 प्रतिशत है और अप्रैल में अब तक 14 लाख टन से अधिक एलपीजी वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कल तक लगभग आठ हजार चार सौ टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई। सुश्री शर्मा ने यह भी बताया कि तेल विपणन कंपनियों द्वारा आयोजित शिविरों के माध्यम से 5-किलो के लगभग 12 लाख सिलेंडर बेचे गए हैं। उन्होंने कहा कि इस महीने अब तक 17 लाख से अधिक 5-किलो के सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है, जिनमें से लगभग 86 हजार सिलेंडर केवल कल ही वितरित किए गए।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि पिछले 24 घंटों में विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर गोलीबारी की कोई घटना सामने नहीं आईं है। उन्होंने बताया कि किसी भी भारतीय जहाज पर गोलीबारी नहीं हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि उन जहाजों में यात्रा कर रहे भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने आगे बताया कि डिजीशिपिंग कंट्रोल रूम ने अपनी सक्रियता के बाद से 7,400 से अधिक कॉल और लगभग 15,000 ईमेल संभाले हैं, जिनमें पिछले 24 घंटों में 161 कॉल और 320 ईमेल शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय में खाडी मामलों के अपर सचिव असीम आर. महाजन ने कहा कि उनका मंत्रालय पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना है। श्री महाजन ने कहा कि मंत्रालय का समर्पित कंट्रोल रूम काम कर रहा है और भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय बनाकर समय पर सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय सूचना साझा करने के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ निरंतर संपर्क में है। श्री महाजन ने कहा कि भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में स्थित संघों, संगठनों, पेशेवर समूहों और भारतीय कंपनियों के साथ नियमित रूप से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री महाजन ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक क्षेत्र से लगभग 12 लाख 12 हजार यात्री भारत आ चुके हैं।