प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार कृषि में ‘प्रौद्योगिकी संस्कृति’ लाने पर विशेष बल दे रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बजट के बाद के वेबिनार ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ में श्री मोदी ने कहा कि सरकार एग्रीस्टैक के माध्यम से कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना विकसित कर रही है। उन्होंने किसान पहचान पत्र और डिजिटल भूमि सर्वेक्षण को परिवर्तनकारी कदम बताया।
एआई-आधारित प्लेटफार्मों और डिजिटल सर्वेक्षणों की भूमिका पर प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी तभी परिणाम देती है जब इसे संस्थानों और उद्यमियों द्वारा एकीकृत किया जाता है। उन्होंने प्रौद्योगिकी को पारंपरिक प्रणालियों के साथ प्रभावी ढंग से एकीकृत करने के तरीकों पर सुझाव आमंत्रित किए। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि प्रमुख प्रयासों से किसानों के जोखिम कम हुए हैं और उन्हें बुनियादी आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है और ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के अंतर्गत लगभग दो लाख करोड़ रुपये के बीमा दावों का निपटारा किया गया है। उन्होंने बताया कि संस्थागत ऋण कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
श्री मोदी ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और दीर्घकालिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का बजट कृषि और ग्रामीण परिवर्तन को सशक्त गति प्रदान करता है। श्री मोदी ने कहा कि देश वर्तमान में खाद्यान्न, दालों और तिलहन का रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ई-एनएएम के माध्यम से बाजार पहुंच का लोकतंत्रीकरण किया गया है। श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना, पीएम ग्रामीण सड़क योजना और स्वयं सहायता समूहों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक उच्च विकास दर वाला स्तंभ है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने तीन करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है और देश ने 2029 तक तीन करोड़ और लखपति दीदियों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न जलाशयों और तालाबों में लगभग 45 लाख टन मछली का उत्पादन हो रहा है, जबकि इसमें 20 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन की संभावना है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन निर्यात वृद्धि का एक प्रमुख मंच बन सकता है। श्री मोदी ने नीली अर्थव्यवस्था की क्षमता को साकार करने के लिए हैचरी, चारा और लॉजिस्टिक्स में नए व्यावसायिक मॉडलों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मत्स्य विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच मजबूत समन्वय को प्रोत्साहित किया।
News On AIR | मार्च 6, 2026 8:57 अपराह्न | Government is focusing on bringing technology culture in agriculture
प्रधानमंत्री मोदी : सरकार कृषि में प्रौद्योगिकी संस्कृति लाने पर दे रही है बल