सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून तक सीमा शुल्क में पूर्ण छूट देने का निर्णय लिया

पश्चिम एशिया में जारी संकट को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून तक सीमा शुल्क में पूर्ण छूट देने का निर्णय किया है। पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर आज अंतरमंत्रालयी ब्रीफिंग में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के सदस्य संजय मंगल ने कहा कि यह निर्णय घरेलू उद्योग के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल इनपुट की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने और देश में आपूर्ति स्थिरता बनाए रखने के लिए एक अस्थायी और लक्षित राहत के तौर पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस छूट से पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स जैसे मध्यवर्ती उत्पादों पर निर्भर कई क्षेत्रों को लाभ होगा। इससे इन उद्योगो के अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।

 

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अपर सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि अग्रिम प्राधिकार या निर्यात संवर्धन पूंजीगत वस्तु प्राधिकार रखने वाले निर्यातकों को उनकी निर्यात प्रतिबद्धताएं पूरा करने के लिए 31 अगस्त तक तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान किसी भी लाइसेंस की वैधता समाप्त नहीं होगी और न ही कोई जुर्माना लगाया जाएगा। श्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट को पिछले महीने की 23 तारीख से 100 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे निर्यातकों को लागत प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

 

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण-एपीडा के उपायों का उल्लेख करते हुए अपर सचिव ने कहा कि बासमती चावल के निर्यात के लिए पंजीकरण सह आवंटन प्रमाण पत्र की वैधता 45 दिनों तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने पिछले महीने निर्यात सुविधा के लिए लचीलापन और रसद हस्तक्षेप-रिलीफ योजना शुरू की थी। श्री अग्रवाल ने कहा कि इसका उद्देश्य व्यापार की निरंतरता बनाए रखना, लागत कम करना और निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करना है।

 

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में कच्चे तेल की उपलब्धता सामान्य है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम किया है ताकि कीमतें स्थिर रहें। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले 60 दिनों के लिए पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की है। संयुक्त सचिव ने कहा कि खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि देश का कच्चा तेल भंडार फिलहाल पर्याप्त है। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राकृतिक गैस की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 845 विद्यार्थियों सहित लगभग बारह सौ भारतीय नागरिकों को सड़क मार्ग के ज़रिए ईरान से सुरक्षित निकालकर आर्मेनिया और अजरबैजान पहुंचाया गया है। इसके अलावा कई भारतीय नागरिकों को ईरान के भीतर सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भारतीय नागरिकों के सुरक्षित पारगमन में सहयोग के लिए आर्मेनिया और अज़रबैजान के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 

विदेश मंत्रालय में खाड़ी मामलों के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने कहा कि सरकार खाड़ी और पश्चिम एशिया में स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वीजा, कांसुलर सेवाओं और पारगमन सहायता से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों, शिक्षा बोर्ड तथा जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के साथ समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हो।