सरकार ने कहा है कि देश में घरेलू पीएनजी और परिवहन के लिए सीएनजी की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पश्चिम एशिया में आर्थिक घटनाक्रमों पर आज नई दिल्ली में अंतर मंत्रालय संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि दो सप्ताह के भीतर लगभग एक लाख 25 हजार घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में पांच हजार 6 सौ से अधिक उपभोक्ताओं ने बदलकर पीएनजी कनेक्शन लिया है। वाणिज्यिक एलपीजी के बारे में उन्होंने बताया कि करीब 17 राज्य सरकारों द्वारा आवंटन आदेश जारी कर दिए गए हैं और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है।
सुश्री शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से पीएनजी नेटवर्क के विस्तार में सहयोग करने को कहा है और अतिरिक्त 10 प्रतिशत वाणिज्यिक एलपीजी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के बारे में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से कहा है कि वह अपनी आपत्ति दर्ज कराएं और यह सुनिश्चित करें कि गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगे।
सुश्री शर्मा ने बताया कि एलपीजी को लेकर स्थिति चिंताजनक है लेकिन पूर्ण रूप से भंडार खत्म होने का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग दर बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई है और घबराहट में आकर बुकिंग करने की संख्या में गिरावट आई है।
विदेश मंत्रालय में खाड़ी मामलों के संयुक्त सचिव असीम महाजन ने कहा कि 28 फरवरी से अब तक लगभग 2 लाख 80 हजार यात्री भारत लौट चुके हैं। उन्होंने बताया कि विमानन कंपनियां संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच संचालन तथा सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए सीमित गैर-निर्धारित उड़ाने जारी रखे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दम्माम हवाई अड्डे से विभिन्न स्थानों के लिए विशेष गैर-निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित हो सकती है। कुवैत, बहरीन और इराक से उड़ान प्रतिबंधों को देखते हुए, सरकार फंसे हुए भारतीय नागरिकों की यात्रा सुगम बना रही है और आपातकालीन मामलों में सऊदी अरब के माध्यम से व्यवस्था कर रही है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षित बचाए गए सेफ सी विष्णु के 15 भारतीय चालक दल के सदस्य इराक से रवाना हो चुके हैं और उनके जल्द ही भारत लौटने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार उनसे और संबंधित इराकी अधिकारियों के साथ संपर्क में है ताकि घटना में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाया जा सके।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सहित फारस की खाड़ी में सभी भारतीय जहाज सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि पोत परिवहन महानिदेशालय जहाज मालिकों, एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर रहा है। पिछले 24 घंटों में महानिदेशालय के नियंत्रण कक्ष में लगभग 150 कॉल और 225 ईमेल आए तथा समन्वित प्रयासों के तहत 16 भारतीय जहाज वापस लौटे।
श्री सिन्हा ने कहा कि मंत्रालय गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुदुचेरी के बंदरगाहों और समुद्री बोर्डों के साथ समन्वय में है और कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि दीनदयाल बंदरगाह ने परिचालन छूट के साथ लगभग 54 एकड़ अतिरिक्त भंडारण जोड़ा है और बंदरगाह माल परिवहन को समर्थन देने के लिए 50 प्रतिशत तक की रियायतें दी जा रही हैं। मंत्रालय नाविकों की सुरक्षा और निर्बाध व्यापार सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।