मार्च 19, 2026 2:26 अपराह्न

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सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष से प्रभावित भारतीय निर्यातकों की सहायता के लिए रिजिलियेंस और लॉजिस्टिक हस्तक्षेप योजना शुरू की

सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को सहायता प्रदान करने के लिए निर्यात प्रोत्साहन के लिए रिजिलियेंस और लॉजिस्टिक इंटरवेंशन योजना शुरू की है। विदेश व्यापार महानिदेशक लव अग्रवाल ने नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 14 फरवरी से 15 मार्च के बीच जारी किए गए बिलों के साथ समुद्री और हवाई मार्ग से भेजे जाने वाले शिपमेंट इस योजना के अंतर्गत आएंगे। इनमें प्रमुख मध्य पूर्व क्षेत्रों से आने-जाने वाले कार्गो भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि निर्यातकों को बिना किसी प्रीमियम वृद्धि के 100 प्रतिशत तक कवरेज प्राप्त होगा और अतिरिक्त लागत सरकार वहन करेगी। श्री अग्रवाल ने बताया कि यह योजना पूर्ण, आंशिक और रेफ्रीजरेटिड कंटेनरों को भी कवर करती है, जिससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों को सहायता मिलेगी और आपूर्ति श्रृंखला की निरंतरता बनी रहेगी।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि सरकार संघर्ष को देखते हुए निर्यातकों की सहायता के लिए प्रमुख मंत्रालयों और विदेशी दूतावासों के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने  बताया कि लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और माल की वापसी जैसे मुद्दों के समाधान के लिए वाणिज्य विभाग के अंतर्गत एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया गया है। वाणिज्य सचिव ने स्वीकार किया कि मध्य पूर्व में निर्यात करने वाले भारतीय निर्यातकों को क्षेत्रीय तनाव के कारण व्यवधानों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शिपमेंट और भविष्य के व्यापार पर असर पड़ रहा है।