मार्च 9, 2026 7:47 अपराह्न | functioning of the Environment Ministry

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राज्यसभा में पर्यावरण मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा शुरू

राज्यसभा में आज पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा शुरू हुई। भाजपा के घनश्याम तिवारी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही भारत की संस्कृति प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ी रही है। उन्होंने वन क्षेत्र बढ़ाने सहित पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।
वाई.एस.आर.कांग्रेस पार्टी के सांसद अयोध्या रामी रेड्डी अल्ला ने बताया कि भारत में दुनिया की 18 प्रतिशत आबादी रहती है, विश्व के उपयोग योग्य ताजे पानी का केवल 4 प्रतिशत हिस्सा ही उपलब्ध है। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में 60 करोड़ लोग जल संकट का सामना कर रहे हैं।
बीजू जनता दल के सुभाषिस खुंटिया ने कहा कि देश के सामने आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने ओडिशा में समुद्र के कटाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे राज्य की तटरेखा प्रभावित हो रही है।
चर्चा में भाग लेते हुए आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने राष्‍ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2023 में शहर में हुई कुल मौतों में से 15 प्रतिशत सीधे तौर पर वायु प्रदूषण से जुड़ी थीं। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में 22 लाख बच्चों के फेफड़े गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
मनोनीत सदस्य उज्ज्वल निकम ने प्रकृति के साथ भारत के सभ्यतागत संबंध का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विकास को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व में रहना चाहिए और इसे नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं तेलगु देशम पार्टी के मस्तान राव यादव बीधा ने कहा कि हाल के वर्षों में देश ने यह साबित किया है कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संबंधी जिम्मेदारी एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।
जनता दल सेक्‍यूलर नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कर्नाटक में मानव-पशु संघर्ष का मुद्दा उठाया। उन्होंने मेकेदातु और अन्य परियोजनाओं को लेकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा।
एआईएडीएमके पार्टी के एम धनपाल, बीआरएस के रवि चंद्र वद्दीराजू और अन्य सदस्यों ने भी चर्चा में भाग लिया।
इसके बाद राज्यसभा में कई सदस्यों ने लोक महत्व के मुद्दे उठाये। राज्‍यसभा आज दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।