फ्रांस ने यूरोपीय संघ के पूर्व आयुक्त थियरी ब्रिटन के अमरीकी वीज़ा पर पाबंदी लगाने की निंदा की है। थियरी ब्रिटन ने एक ऐतिहासिक ऑनलाइन विनियम को आगे बढ़ाने में मदद की थी।
अमरीका का मानना है कि इस विनियम से अमरीका अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अमरीका के बडे-बडे प्रौद्योगिकी संस्थानों को गलत तरीके से निशाना बनाया गया है।
ट्रंप प्रशासन द्वारा यह प्रतिबंध कल लगाया गया। थियरी ब्रिटन यूरोपीय डिजिटल सेवा अधिनियम – डीएसए के निर्माताओं में हैं। यूरोपीय संघ का कहना है कि डी एस ए का उद्देश्य उस ऑनलाइन माहौल को सुरक्षित बनाना है, जिनमें तकनीकी विशेषज्ञों से अनुरोध किया गया है कि वे अवैध सामग्री, नफरत फैलाने वाले भाषण और बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी खबरों पर अंकुश लगाने के लिए अधिक सक्रियता से काम करें।
फ्रांस के विदेश मंत्री जियां-नोएल बैरोत ने बताया कि डीएसए ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मंज़ूरी दी थी और जिससे अमरीका प्रभावित नहीं होता है।
यूरोपिययी आयोग ने भी यूरोपिययी संघ के पूर्व आयुक्त सहित पांच यूरोपीय नागरिकों पर वीज़ा प्रतिबंध लगाने के अमरीकी फैसले की कड़ी निंदा की है। आयोग के एक प्रवक्ता ने आज कहा कि वे अनुचित उपायों के खिलाफ अपनी रेगुलेटरी स्वायत्तता की रक्षा के लिए तेज़ी से और निर्णायक रूप से जवाब देंगे।