विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता के स्तंभ के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए अंतरराष्ट्रीय समृद्धि में देश के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख किया। श्री जयशंकर ने सूरीनाम में सूरीनामी समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
उन्होंने हाल के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस वर्ष वैश्विक विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुमान के अनुसार भारत कुल वैश्विक विकास में 17 प्रतिशत का योगदान देता है।
इससे स्पष्ट होता है कि भारत 2026 में वैश्विक वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि में 17 प्रतिशत का महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है, जिससे वह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखेगा। श्री जयशंकर ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के जोखिम को कम करने में मदद कर रहा है औरअपने वैश्विक सहयोगियों के लिए अधिक विकल्प तैयार कर रहा है।