पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में शांति बहाली के प्रयास विफल होते दिखाई दे रहे हैं। ईरान और अमरीका ने अपनी नीतियां और कड़ी कर ली हैं। ईरान, होर्मुज जल-डमरू-मध्य पर अपना नियंत्रण और मजबूत कर रहा है जबकि, अमरीका, इस क्षेत्र में अपने सैन्य बलों को तैनात करने की तैयारी में है। अमरीका के इन सैनिकों को ईरान में जमीनी युद्ध में शामिल किया जा सकता है।
अमरीकी नौसेनिक जहाज, यूएसएस त्रिपोली लगभग ढाई हजार मरीन कमांडो के साथ पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा, लगभग एक हजार पैराट्रूपर्स को भी इस क्षेत्र में तैनात होने के आदेश दिए गए हैं।
इससे पहले श्री ट्रम्प ने जनवरी में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने से पहले भी संबंधित क्षेत्र में बडे पैमाने पर सेना की तैनाती की थी।
अमरीकी नौसेना के एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा है कि 28 फरवरी को इस्राएल और अमरीका के संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।