भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कहा है कि डॉ. बी. आर. आम्बेडकर का “सामाजिक-आर्थिक समानता और न्याय का दर्शन” आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करेगा। महाराष्ट्र के नागपुर में डॉ. आम्बेडकर कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आम्बेडकर ने जीवन भर सामाजिक-आर्थिक न्याय की विचारधारा को आत्मसात करने का प्रयास किया है।
न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि महिलाओं की प्रगति और विकास किसी समाज की प्रगति को मापने का एक पैमाना है। यह देखकर खुशी होती है कि डॉ. आम्बेडकर कॉलेज की छात्राओं ने इस मानदंड को पूरा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण डॉ. आम्बेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि है और उनकी विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।
इस अवसर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संस्थान के विकास में बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय आर.एस. गवई और उनके पुत्र मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई के योगदान की सराहना की।