राज्यसभा में, आज विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2026 पर चर्चा पुन: शुरू हुई। इस विधेयक के माध्यम से वित्त वर्ष 2026-27 की सेवाओं के लिए भारत की संचित निधि से कुछ राशि के भुगतान और विनियोग को अधिकृत करने का प्रावधान किया गया है। चर्चा के बाद विधेयक को लोकसभा को वापस भेज दिया जाएगा। लोकसभा ने पिछले सप्ताह इस विधेयक को पारित कर दिया था।
आज की चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह विधेयक मात्र एक वित्तीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश के विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही की एक महत्वपूर्ण नींव है। उन्होंने कहा कि सरकार राजकोषीय सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और राजकोषीय घाटे को कम करने में सफल रही है। श्री शर्मा ने कहा कि सरकार गरीबों के कल्याण, अवसंरचना विकास और राष्ट्र निर्माण पर धन खर्च कर रही है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा-जे.एम.एम के डॉ. सरफराज अहमद ने कई सरकारी विभागों द्वारा आवंटित धनराशि के वापस करने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उचित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। डॉ. अहमद ने कहा कि यदि बजट का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जाए, तो इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा।
हुजन समाज पार्टी के रामजी ने देश भर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए छात्रावासों के निर्माण के सरकारी निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने देश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रावास स्थापित किये जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थानों में आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों से शुल्क नहीं लिये जाने की भी मांग की।
आई.यू.एम.एल. के हारिस बीरन ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर देश की विदेश नीति पर सवाल उठाए। जे.एम.एम की महुआ माजी ने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई देश के लिए बडी समस्या बन गई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दबाव में है।
भाजपा के घनश्याम तिवारी ने कराधान प्रणाली में परिवर्तनकारी बदलाव लाने के लिए सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयकर की फेसलेस रिटर्न और जीएसटी में सुधार से लोगों का जीवन आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि कई वस्तुओं पर जीएसटी कम करने के बावजूद, जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने पश्चिम एशिया संघर्ष और देश में निवेश पर इसके प्रभाव का मुद्दा उठाया।चर्चा, बेनतीजा रही। बाद में सदन में विशेष उल्लेखों पर चर्चा हुई, जिसमें सदस्यों ने अत्यंत महत्वपूर्ण मामलों को उठाया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही कल सवेरे 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।