दिसम्बर 3, 2024 6:40 अपराह्न

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लोकसभा में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू

लोकसभा में आज बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। इस विधेयक के अन्‍तर्गत भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम-1934, बैंकिंग विनियमन अधिनियम-1949, स्‍टेट बैंक ऑफ इण्डिया अधिनियम-1955, बैंकिंग कम्‍पनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और अंतरण) अधिनियम-1970 और बैंकिंग कम्‍पनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और अंतरण) अधिनियम-1980 को संशोधित करने का प्रावधान किया गया है।

 

इस विधेयक से प्रत्‍येक बैंक खाते में नॉमिनी की संख्‍या वर्तमान एक से बढ़ाकर चार करने का विकल्‍प दिया गया है। विधेयक ऑडिटर के पारिश्रमिक का फैसला करने के लिए बैंकों को अधिकार प्रदान करेगा।

 

    विधेयक प्रस्‍तुत करते हुए केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि प्रस्‍तावित संशोधन से बैंकिंग क्षेत्र में संचालन मजबूत होगा और ग्राहक सुविधा बढ़ेगी। उन्‍होंने कहा कि इस विधेयक से जमाकर्ताओं और निवेशकों के लिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी और सरकारी बैंकों में ऑडिट की गुणवत्ता बढ़ेगी।

 

    चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि बैंकिंग कानून को अलग करके नहीं देखा जा सकता। इस पर देश की आर्थिक स्थिति के साथ विचार करना होगा। उन्‍होंने विमौद्रीकरण का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि इसे लागू करने के कारण  आम आदमी को अनेक समस्‍याओं का सामना करना पडा।

 

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने बैंकिंग क्षेत्र में सरकार के सुधारों का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि भारत विश्‍व की तीसरी सबसे शक्तिशाली अर्थव्‍यवस्‍था बनने जा रहा है।