भारतीय रिज़र्व बैंक-आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि डिजिटलीकरण ने वित्तीय सेवाओं में दक्षता, पहुंच और नवाचार को काफी हद तक बढ़ाया है, लेकिन इसने जोखिमों की प्रकृति, गति और संचरण को भी बदल दिया है। उन्होंने मुंबई में कॉलेज ऑफ सुपरवाइजर्स के तीसरे वार्षिक वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए, श्री मल्होत्रा ने बताया कि विनियमन और पर्यवेक्षण अनुकूलनीय, सतर्क, पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति जागरूक और परिणाम केंद्रित होने चाहिए।
उन्होंने डेटा की गुणवत्ता, उपलब्धता और उपयोग में सुधार करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे निष्पक्षता और ग्राहक के विश्वास के साथ निगरानी को मजबूत किया जा सके।
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आयोजित इस सम्मेलन को डिप्टी गवर्नर स्वामिनाथन जे. और एस. सी. मुर्मु ने भी संबोधित किया। इसमें प्रौद्योगिकी, अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग विनियमन और ओपन बैंकिंग पर पैनल चर्चाएं हुईं।