दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की एआई जनित फर्जी वीडिया को हटाने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कहा है कि कथित रूप से डीप फेक वीडियो को हटाने से जुड़े मामले में श्री थरूर के व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया जाएगा।
इन वीडियो में श्री थरूर को गलत ढंग से पाकिस्तान की तारीफ करते हुए दिखाया गया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने केन्द्र सरकार और मेटा तथा एक्स सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को समन जारी किया है और चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।
श्री थरूर के अधिवक्ता अमित सिब्बल ने न्यायालय में कहा कि कई एआई जनित वीडियो में श्री थरूर के नाम पर राजनीतिक रूप से संवेदनशील बयान देते हुए दिखाया गया है जो उनकी प्रतिष्ठा और भारत की अंतर्राष्ट्रीय छवि के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के अंतर्गत बार-बार की गई शिकायतों के बावजूद ऐसी सामग्री विभिन्न यूआरएल के जरिए इंटरनेट पर सामने आई।
मेटा ने न्यायालय में बताया कि कुछ चिन्हित लिंक को उनके प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। हालांकि श्री थरूर के वकील ने कहा कि इस तरह की वीडियो नए लिंक के जरिए बार-बार अपलोड की गई हैं। श्री थरूर ने अपने नाम और पहचान के कथित रूप से अनाधिकृत उपयोग के बारे में सुरक्षा की मांग की है।