मार्च 24, 2026 7:25 अपराह्न

printer

दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1,03,700 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया

दिल्ली की मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने आज वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब एक लाख तीन हजार सात सौ करोड़ रुपये का बजट पेश किया। श्रीमती गुप्ता ने बजट को हरित बजट बताते हुए कहा कि पूरे बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा यानी 22 हजार, 236 करोड़ रुपये हरित विकास परियोजनाओं पर खर्च होगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री गुप्ता ने बजट में नवजात शिशुओं के लिए मुफ्त स्वास्थ्य संबंधी जांच, एक लाख तीस हजार छात्राओं को मुफ्त साइकिल और मेधावी छात्रों के लिए लैपटॉप सहित कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। वहीं, आपदा प्रबंधन के लिए आपातकालीन केंद्र और एक नई सेमीकंडक्टर नीति की भी घोषणा की।

उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए 19 हजार 326 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जो कुल बजट का 18 प्रतिशत है। साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 13 हजार 34 करोड़ रुपये, परिवहन क्षेत्र के लिए 12 हजार छह सौ 13 करोड़ रुपये, और शहरी विकास के लिए 11 हजार पांच सौ 72 करोड़ रुपये आवंटित किए है।

इसके अलावा सरकार ने  सामाजिक कल्याण के लिए 10 हजार पांच सौ 37 करोड़ रुपये और जलापूर्ति के लिए नौ हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

इसके साथ ही, शहर में धूल-मुक्त सडक़ों के विकास के लिए सरकार ने 1 हजार तीन सौ 52 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है। जिसके अंतर्गत राजधानी के सात सौ 50 किलोमीटर सडक़ों की पूर्ण रुप से रिकार्पेटिंग की जाएगी।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली नगर निगम के लिए 11 हजार 6 सौ 66 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र पर बल देते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा कि बजट मे स्वास्थ्य क्षेत्र को 12 हजार 6 सौ 45 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

वहीं, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के लाभ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस योजना में ट्रांसजेंडर समुदाय को भी शामिल किया जाएगा और इसके लिए दो सौ दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सात सौ 50 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे, जिसके लिए 15 सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2029 तक दिल्ली की सार्वजनिक बस सेवा को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बस सेवा में बदल दिया जाएगा। इसके लिए परिवहन क्षेत्र को 8 हजार 374 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है।

वहीं, बिजली विभाग के लिए 3 हजार 942 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और सरकार द्वारा बिजली तारों को भूमिगत करने के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से आवंटित किए है। मुख्यमंत्री ने यमुना पार क्षेत्र के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये, जबकि दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के लिए 787 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली के गांवों के विकास के लिए ग्राम विकास बोर्ड को 787 करोड़ दिए जाएंगे जिससे गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाया जा सके।

बजट के अनुसार पर्यावरण और वन क्षेत्रों के लिए आठ सौ 22 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष के 505 करोड़ रुपये से 62 दशमलव सात प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के लिए एकीकृत सचिवालय और आवासीय परिसर के निर्माण करने की घोषणा भी की ।

सरकार ने कालकाजी मोदी मिल फ्लाइओवर, नजफगढ़ नाले पर सडक़ निर्माण, साकेत मेट्रो स्टेशन पर छह लेन अंडरपास, एम.बी रोड अंडरपास, मां आनंद मयी मार्ग से तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी सहित कई लंबे समय से अटके अंडरपास, फुटओवर ब्रिज और सडक़ों के लिए भी दो हजार करोड़ रुपये आवंटित करने का ऐलान किया है।

वहीं, विधायक निधि योजना के अंतर्गत 350 करोड़ दिए जाएगें। मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के चौथे और पांचवे चरण के लिए 2 हजार 885 करोड़ रूपए तथा एनसीआर में रीजनल रैपिड ट्रांजिट प्रणाली कनेक्टिविटी के लिए 568 करोड़ आवंटन से सदन को अगवत करवाया।

जिला स्तर पर प्रशासन को मजबूत करने की योजना पर प्रकाश डालते हुए श्रीमती गुप्ता ने बताया कि नीति आयोग की तर्ज पर दिल्ली इंस्टीट्यूशनल थिंक टैंक फॉर इनोवेशन- दीती आयोग का गठन किया जाएगा।

वहीं, बजट में दूसरे दिन विपक्ष के बहिष्कार पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बजट भाषण शुरू होने से पहले कहा कि नेता प्रतिपक्ष, आतिशी को एक औपचारिक पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने गलत आचरण करने वाले सदस्यों के लगातार बचाव और विपक्ष द्वारा प्रदर्शित असंसदीय आचरण पर अपनी निराशा व्यक्त की।
    

विधानसभा अध्यक्ष ने पक्षपात करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी अध्यक्षता में सदन ने पिछले वर्षों की तुलना में विपक्ष के प्रति अधिक सहिष्णु और उदार रवैया अपनाया है। उन्होंने निलंबित सदस्यों से अपने कार्यों के लिए पश्चाताप करने और सदन से माफी मांगने का आह्वान किया। साथ ही, श्री गुप्‍ता ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे विधायी कार्यवाही में भाग लें।