सरकार ने कल शाम संसद भवन परिसर में पश्चिम एशिया की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और अन्य नेता शामिल हुए।
श्री रिजिजू ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सभी दलों के प्रतिभागी सदस्यों को धन्यवाद दिया और कहा कि विपक्षी नेताओं के सभी सवालों और चिंताओं का सरकार ने समाधान किया है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी विपक्षी दलों ने इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों में अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास, समाजवादी सांसद धर्मेंद्र यादव और अन्य विपक्षी नेता भी उपस्थित थे।
यह बैठक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जिसने महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों को बाधित कर दिया है और खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
सर्वदलीय बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसद में पश्चिम एशिया स्थिति पर दिए गए संबोधन के बाद हुई। अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने ईरान-इज़राइल-अमरीका संघर्ष के प्रभाव को कम करने के लिए ईंधन, आपूर्ति श्रृंखला, उर्वरक और अन्य क्षेत्रों पर रणनीतियां विकसित करने के लिए सात सशक्त समूहों का गठन किया है।