मार्च 27, 2026 9:08 अपराह्न

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रक्षा अधिग्रहण परिषद ने रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्‍तावों को मंजूरी दी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्‍यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने आज दो लाख 38 हजार करोड़ रूपए के प्रस्‍तावों को मंजूरी दे दी। इन प्रस्तावों का उद्देश्य रक्षा सेवाओं की क्षमता बढ़ाना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह स्‍वीकृति भारतीय सेना की वायु रक्षा ट्रैकिंग प्रणाली, आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक इम्‍युनेशन, उच्‍च क्षमता के रेडियो रिले, धनुष गन प्रणाली और रनवे एरियल निगरानी प्रणाली के लिए दी गई है।

भारतीय वायु सेना के लिए मध्‍यम परिवहन विमान की खरीद, एस- 400 मिसाइल प्रणाली, दूर तक मारक क्षमता वाले विमानों और सुखोई-30 एयरो ईंजन के ओवरहॉल के लिए प्रस्‍ताव मंजूर किए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि मध्‍यम परिवहन विमानों को शामिल करने से वायुसेना की रणनीतिक और एयरलिफ्ट संचालन क्षमता बढ़ेगी। एस-400 प्रणाली महत्‍वपूर्ण प्रतिष्ठानों के लक्षित शत्रु के हवाई हमलों का मुकाबला करेगी।

भारतीय तटरक्षक बल के लिए हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्‍हिकल के लिए भी स्‍वीकृति दी गई है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन वाहनों का उपयोग तीव्र गति तटवर्ती गश्‍ती सहित बहुउद्देशीय समुद्री संचालन में होगा।

रक्षा खरीद परिषद ने वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में 6 लाख 73 हजार करोड़ रूपए के 55 प्रस्‍तावों को मंजूरी दी है। वर्तमान वित्‍तीय वर्ष में दो लाख 28 हजार करोड़ रूपए के 503 प्रस्‍तावों के लिए पूंजीगत खरीद अनुबंध पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं। ये दोनों अनुमोदन अब तक के किसी भी वित्‍तीय वर्ष में मिली मंजूरी में सर्वाधिक है।