अप्रैल 3, 2026 2:02 अपराह्न

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जन विश्वास विधेयक 2026 का उद्देश्य विश्वास आधारित शासन को बढ़ावा देना है: केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 में किए गए सुधार, कानूनों को सरल बनाने, व्यवसाय और व्यक्तियों पर कानूनी नियमों, सरकारी नीतियों और कर संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए समय, वित्‍त और प्रशासनिक दबाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आज नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में श्री गोयल ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य आम लोगों को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि उन्हें लाभ पहुंचाना और जीवन और व्यापार में सुगमता के लिए विश्वास आधारित शासन को बढ़ावा देना है।

उन्‍होंने कहा कि जन विश्वास विधेयक के माध्यम से पहली बार 79 अधिनियमों के अंतर्गत एक हजार प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। श्री गोयल ने कहा कि यह विधेयक, विकसित भारत 2047 के लक्ष्‍य के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्‍होंने कहा कि यह कानून, मोदी सरकार द्वारा आम आदमी, छोटे व्यवसायों, स्टार्टअप्स और उद्यमियों पर भरोसे को दर्शाता है। श्री गोयल ने कहा कि 12 राज्यों ने पहले ही जन विश्वास कानूनों के संस्करण लागू कर दिए हैं और अन्य राज्यों से भी छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने पर विचार करने का आग्रह किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह कदम उस औपनिवेशिक मानसिकता को दूर करने के लिए उठाया गया है जिसमें, न्याय के बजाय दंड को प्राथमिकता दी जाती थी। श्री गोयल ने कहा कि वर्तमान में छोटे अपराधों से संबंधित पांच करोड़ मामले न्यायालयों में लंबित हैं। ऐसे में, इन सुधारों से न्यायिक प्रणाली में भी सुगमता होगी।